Whatsapp के संस्थापक कौन हैं? Who is the Founder of Whatsapp - Techno Preet

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Whatsapp के संस्थापक कौन हैं (Who is the Founder of Whatsapp) : नमस्कार दोस्तों, "Techno Preet" ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज Whatsapp हर कोई Use करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Whatsapp के संस्थापक कौन है? व्हट्सएप किसकी खोज है। आज इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि Whatsapp के संस्थापक और उनकी सफलता की कहानी।


दोस्तों आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी नेटवर्किंग साइट Whatsapp के संस्थापक जेन कूम (Jan Koum) हैं, जिन्होंने अपने साथी ब्रायन एक्टन (Brian Acton) के साथ Whatsapp एप बनाया था। लेकिन क्या आपको पता है कि Whatsapp के संस्थापक जेन कूम कौन है? उन्होंने कैसे Whatsapp एप तैयार किया? उनके जीवन से जुडी हर जानकारी आज हम आपके साथ शेयर करेंगे।


Whatsapp दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेटवर्किंग साइट्स में से एक हैं। युवा पीढ़ी ही नहीं बच्चे और बुजुर्ग भी Whatsapp के बारे में बाखूबी जानते हैं। Whatsapp की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Whatsapp के शुरूआती 5 साल में 45 करोड़ यूजर हो गए और सबसे बड़ी बात Whatsapp पर किसी भी तरह का कोई विज्ञापन भी नहीं आता। जिसके चलते ज्यादा यूजर इसके ओर खींचे आते हैं।


Who is the Founder of Whatsapp

Whatsapp पर आप अपने दोस्तों के साथ असानी के साथ जुड़ सकते हैं और Whatsapp Group बनाकर भी उसमें अपने साथियों को जोड़ सकते हैं। इसके अलावा आप कोई फोटो और वीडियो के अलावा डाक्यूमेंट फाईल भी भेज सकते हैं। तो चलिए अब बात करते हैं Whatsapp के संस्थापक जेन कूम के बारे में...


Whatsapp के संस्थापक जेन कूम कौन है? 


सोशल नेटवर्किंग साईट Whatsapp एप तैयार करने वाले जेन कूम (Jan Koum) का जन्म यूक्रेन के शहर कीव में 24 फरवरी 1976 को हुआ था। 16 साल की उम्र में जेन कूम अपने पिता को छोड़कर अपनी मां और दादी के साथ अमेरिका में चले गए। वहां उन्होंने जिंदगी में बहुत संघर्ष किया। गरीबी क्या होती है ये जेन कूम अच्छी तरह से जानते हैं, क्योंकि उनका बचपन गरीबी के दौर से गुजरा था।


अमेरिका (America) में उन्होंने सरकारी सहायता के रूप में मिलने वाले खाने के कूपन पर गुजारा किया। जेन कूम की मां बेबी सिटिंग, यानी आया का काम करती थी। कूम एक ग्रॉसरी स्टोर में झाड़ू-पोंछा करते थे। कूम की मां यूक्रेन से नोटबुक्स और पेन ले आई थी। कूम की एजुकेशन में इनका इस्तेमाल हुआ। इसी नोटबुक से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की।


जेन कूम की मां को कैंसर बीमारी हो गई। मां को सरकार से मिले ईलाज भत्ते के कुछ पैसे से कूम ने किताब खरीद कर कंप्यूटर नेटवर्किंग की शिक्षा शुरू कर दी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वहीं पुरानी किताबें दुकान पर बेच दी और उन्हीं पैसों से घर का खर्च चलाया। उसके बाद कूम ने सिलिकॉन वैली के एक सरकारी विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और साथ-ही-साथ एक कंपनी में सिक्यूरिटी टेस्टर का काम करने लगे।


जेन कूम को ज्ञान बहुत था और उसने कंप्यूटर नेटवर्किंग की पढ़ाई भी की हुई थी। गरीबी के दौर से निकलने के लिए साल 1997 में उन्हें याहू कंपनी में काम मिल गया और उनकी मुलाकात ब्रायन ऐक्टन नाम के एक शख्स से हुई, जो बाद में उनके बिजनेस पार्टनर भी बने। 9 सालों तक याहू में काम करने के बाद कूम ने लगभग 25 लाख रूपये की सेविंग कर जॉब को अलविदा कर दिया।


याहू से नौकरी छोड़ने के बाद जेन कूम ने एक साल तक कुछ नहीं किया। एक साल बाद उन्होंने कुछ करने का सोचा। जनवरी 2009 में कूम ने एप्पल का आईफोन खरीदा। लेकिन उनके जिम की पॉलिसी के अनुसार वो अपना फोन वहां इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। फिर उसने स्काइप का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। लेकिन एक दिन कूम अपना पासवर्ड भूल गए। इन परेशानियों से तंग आकर उन्होंने एक ऐसे एप को दुनिया के सामने लाने के बारे में सोचा, जो महज एक फोन नंबर से लोगों को आपस में जोड़ कर रखे।


उन्होंने अपने इस आईडिया के बारे में अपने मित्र ब्रायन एक्टन (Brian Acton) को बताया। इसके बाद उन्होंने दोनों ने मिलकर Whatsapp एप को तैयार किया। 35 साल की उम्र में उन्होंने Whatsapp पर काम शुरू किया। Facebook ने जेन कूम से Whatsapp खरीदने के लिए 19 बिलियन डॉलर यानि करीब 1,23,000 करोड़ रूपए की राशि अदा की है। जिससे आज जेन कूम एक मल्टी बिलेनियर है।


Whatsapp बनाने वालों को Facebook और Twitter में नहीं मिली नौकरी


जेन कूम (Jan Koum) और उसके साथी ब्रायन एक्टन (Brian Acton) ने Whatsapp तैयार करने से पहले Facebook और Twitter जैसे बड़े नेटवर्किंग साईट पर नौकरी करने के लिए आवेदन दिया था। इंटरव्यू में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। लेकिन बाद में उनके द्वारा बनाए गए Whatsapp को Facebook टीम द्वारा खरीदा गया। या फिर ऐसे भी कह दें कि अगर उन्हें उस वक्त नौकरी मिल जाती तो शायद Whatsapp आज न होता।


अंतिम बात


दोस्तों ये थी Whatsapp केे संस्थापक की कहानी, कैसे जेन कूम (Jan Koum) ने गरीबी के दौर में मेहनत शुरू की और उसकी मेहनत उसे आज इस मुकाम तक ले गई है। किसी ने नही सोचा था कि एक गरीब बच्चा जिसने कभी लाइन में लगकर खाना खाया और ग्रॉसरी स्टोर पर साफ सफाई की, वो कभी Whatsapp बनाएगा। जिसे आज हम सब यूज कर रहे हैं। 


जेन कूम (Jan Koum) की कहानी को पढ़ने के बाद आप ऐसे ही मत छोड़ दीजिएगा, क्योंकि ये एक कहानी नहीं है, ये संघर्ष है। जो हमें सिखाता है कि अगर हम मेहनत करते हैं और कुछ करने का जज्बा रखते हैं तो एक न एक दिन जरूर कामयाब होते हैं। इसलिए कभी हार नहीं माननी चाहिए। 


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